Stop Loss क्या है?
अपडेट 11 अक्टूबर 2026
Trading में सबसे ज़रूरी सवाल यह नहीं कि आप कितना कमा सकते हैं, बल्कि यह कि ग़लत होने पर आप कितना गँवाएँगे। Stop loss इसी सवाल का जवाब है। यह एक पहले से तय भाव है जहाँ पहुँचने पर आप अपना trade बंद कर देते हैं, ताकि नुकसान एक सीमा में रहे। इस पेज में आप stop loss के प्रकार, एक ₹ वाला उदाहरण और इसकी सीमाएँ समझेंगे।
Stop loss क्यों ज़रूरी है
हर trade में ग़लत होने की संभावना होती है। बिना stop loss के एक छोटा नुकसान बढ़कर बड़ा बन सकता है, खासकर intraday और F&O में जहाँ leverage होता है। Stop loss पहले से तय करने का फ़ायदा यह है कि फ़ैसला शांत दिमाग़ से होता है, न कि तब जब screen पर नुकसान बढ़ रहा हो और घबराहट हो।
उदाहरण: stop loss से risk कैसे निकलता है
मान लीजिए आपकी trading पूँजी ₹1,00,000 है। आप Stock ABC को ₹500 पर खरीदते हैं और stop loss ₹480 रखते हैं। आप 50 शेयर लेते हैं।
- प्रति शेयर risk = 500 − 480 = ₹20
- कुल risk = ₹20 × 50 = ₹1,000
- पूँजी के हिसाब से risk = 1,000 ÷ 1,00,000 = 1%
- Position की कुल value = ₹500 × 50 = ₹25,000
ध्यान दें, आप ₹25,000 का शेयर खरीद रहे हैं, लेकिन stop loss के हिसाब से आपका risk सिर्फ़ ₹1,000 है (charges और slippage अलग)। यही सोच position sizing की नींव है। आप यह हिसाब position size calculator में कर सकते हैं।
Stop loss order के प्रकार
SL-M (Stop Loss Market)
आप एक trigger price देते हैं। जब भाव trigger को छूता है, तो order market price पर execute होता है। फ़ायदा: order लगभग पक्का भर जाता है। नुकसान: तेज़ गिरावट में भाव trigger से नीचे भी मिल सकता है। ध्यान दें कि exchange के नियमों के कारण कुछ segments में SL-M order उपलब्ध नहीं होता या उस पर पाबंदी होती है, इसलिए अपने platform पर देख लें।
SL-L (Stop Loss Limit)
इसमें आप trigger price के साथ एक limit price भी देते हैं। जैसे trigger ₹480 और limit ₹478। जब भाव ₹480 छूता है, तो एक sell order ₹478 या उससे बेहतर भाव पर लग जाता है। फ़ायदा: आपको ₹478 से कम भाव नहीं मिलेगा। नुकसान: अगर भाव तेज़ी से ₹478 के नीचे चला जाए, तो order भरेगा ही नहीं और आप position में फँसे रह सकते हैं।
Trailing stop loss
इसमें stop loss भाव के साथ आगे खिसकता है। जैसे ऊपर के उदाहरण में, अगर Stock ABC ₹520 पर पहुँच जाए, तो आप stop loss ₹480 से बढ़ाकर ₹500 कर सकते हैं। अब अगर भाव ₹500 पर लौटे, तो आप लगभग बिना नुकसान के बाहर होंगे (charges अलग)। कुछ लोग इसके लिए Supertrend जैसी लाइन को reference मानते हैं।
Stop loss कहाँ रखें?
इसका कोई एक सही जवाब नहीं है, और कोई तरीका हर बार काम नहीं करता। आम तौर पर लोग इन चीज़ों पर विचार करते हैं:
- Chart के हिसाब से: हाल के swing low, किसी candle का Low, या कोई ऐसा level जिसके टूटने पर आपका trade का कारण ही ख़त्म हो जाए।
- Volatility के हिसाब से: अगर शेयर रोज़ औसतन ₹15 हिलता है, तो ₹3 का stop loss सामान्य हलचल में ही लग सकता है।
- पूँजी के हिसाब से: पहले यह तय करें कि एक trade में पूँजी का कितना हिस्सा (जैसे 1%) गँवाने को तैयार हैं, फिर उसके हिसाब से quantity तय करें।
एक आम ग़लती है stop loss को "रकम" से तय करना ("मैं ₹500 का SL रखूँगा") और फिर chart पर उसका कोई मतलब न होना। बेहतर है पहले chart पर level तय करें, फिर quantity उसके हिसाब से घटाएँ-बढ़ाएँ।
Stop loss की सीमाएँ
- Gap opening: अगर शेयर रात भर की किसी news के बाद आपके stop loss से बहुत नीचे खुले, तो नुकसान तय रकम से ज़्यादा होगा। उदाहरण में अगर शेयर ₹460 पर खुले, तो नुकसान ₹40 × 50 = ₹2,000 होगा, ₹1,000 नहीं।
- Slippage: तेज़ बाज़ार में order ठीक trigger पर नहीं भरता।
- बार-बार हटाना: Stop loss तभी काम करता है जब आप उसे नुकसान बढ़ने पर नीचे न खिसकाएँ।
Stop loss और risk-reward
Stop loss से आपका risk तय होता है, और target से संभावित reward। दोनों का अनुपात risk reward ratio कहलाता है। इसे risk reward calculator से जाँचें।
एक ज़रूरी सच भी जान लीजिए: SEBI की अपनी स्टडी (SEBI study, 2023 और 2025) के मुताबिक FY22 और FY25 में लगभग 10 में से 9 individual F&O traders को नुकसान हुआ। कोई भी indicator या formula इस जोखिम को ख़त्म नहीं करता। यह पेज सिर्फ़ सीखने के लिए है, किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।
संक्षेप में
Stop loss वह पहले से तय भाव है जहाँ आप trade से निकलते हैं। कुल risk = (entry − stop loss) × quantity। SL-M लगभग पक्का भरता है पर भाव की गारंटी नहीं; SL-L भाव की गारंटी देता है पर भरने की नहीं। Gap और slippage से असली नुकसान तय रकम से ज़्यादा हो सकता है, इसलिए quantity हमेशा सोच-समझकर रखें।
लोग क्या पूछते हैं
- Stop loss क्या होता है?
- Stop loss एक पहले से तय भाव है जहाँ पहुँचने पर आप trade बंद कर देते हैं, ताकि नुकसान एक सीमा में रहे।
- SL-M और SL-L में क्या फ़र्क है?
- SL-M में trigger छूते ही order market price पर भरता है। SL-L में trigger के साथ एक limit price होता है, जिससे भाव की सीमा तय रहती है पर order न भरने का खतरा रहता है।
- क्या stop loss हमेशा तय रकम पर ही नुकसान रोकता है?
- नहीं। Gap opening या तेज़ गिरावट में slippage के कारण असली नुकसान तय रकम से ज़्यादा हो सकता है।
- Trailing stop loss क्या है?
- Trailing stop loss में भाव आपके पक्ष में चलने पर आप stop loss को भी उसी दिशा में खिसकाते हैं, ताकि बनी हुई बढ़त का कुछ हिस्सा सुरक्षित रहे।