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SIP क्या है?

अपडेट 11 अक्टूबर 2026

SIP कैलकुलेटर →

SIP यानी systematic investment plan: किसी mutual fund scheme में तय अंतराल पर, आम तौर पर हर महीने, एक तय रकम लगाना। यह कोई अलग प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि निवेश करने का एक तरीक़ा है। उसी scheme में आप एक बार में भी पैसा लगा सकते हैं, जिसे lumpsum कहते हैं। SIP में वही पैसा किस्तों में जाता है।

SIP कैसे काम करती है

आप scheme, रकम और तारीख़ चुनते हैं, और अपने बैंक के साथ auto-debit mandate साइन करते हैं। हर महीने उस तारीख़ को रकम आपके खाते से कटती है और उस दिन के NAV (net asset value, यानी एक यूनिट की कीमत) पर scheme की यूनिट ख़रीदती है। NAV कम हो तो उतनी ही रकम से ज़्यादा यूनिट आती हैं, और ज़्यादा हो तो कम।

मान लीजिए पहले महीने NAV ₹50 है, दूसरे महीने ₹40 और तीसरे महीने फिर ₹50। ₹5,000 महीने से पहले 100, फिर 125, फिर 100 यूनिट आती हैं: ₹15,000 में 325 यूनिट, यानी एक यूनिट औसतन ₹46.15 की पड़ी, जो NAV के औसत ₹46.67 से थोड़ा कम है। इसे rupee cost averaging कहते हैं। इससे नुक़सान असंभव नहीं होता; बस सारा पैसा किसी एक सबसे बुरे भाव पर नहीं लगता।

SIP को आम तौर पर बढ़ाया, घटाया, रोका या बंद किया जा सकता है। हर साल किस्त बढ़ाने वाली SIP को step-up SIP कहते हैं।

फ़ॉर्मूला

किस्त हर महीने की शुरुआत में जाती है, यह मानकर SIP की वैल्यू:

M = P × [((1 + i)^n − 1) ÷ i] × (1 + i)

जहाँ P हर महीने की रकम, i महीने की दर (सालाना रिटर्न ÷ 1,200) और n महीनों की गिनती है।

उदाहरण से समझें

₹5,000 हर महीने, 10 साल तक, अगर हर साल 12% का रिटर्न मिलता रहे:

आपने कुल ₹6,00,000 लगाए (₹5,000 × 120), और अनुमानित बढ़त ₹5,61,695 रही। असली रिटर्न हर साल बदलता है; 12% यहाँ सिर्फ़ हिसाब समझाने के लिए है, कोई वादा नहीं।

SIP बनाम lumpsum

वही ₹6,00,000 अगर पहले दिन एक साथ लगाए जाते, उसी 12% सालाना पर 10 साल के लिए, तो ₹18,63,509 बनते (₹6,00,000 × 1.12^10)। Lumpsum इसलिए आगे निकलता है कि पूरा पैसा पूरे 10 साल लगा रहता है, जबकि SIP की आख़िरी किस्त सिर्फ़ एक महीना लगी रहती है। लेकिन ज़्यादातर लोगों के पास पहले दिन ₹6 लाख नहीं होते, और lumpsum का नतीजा एक ही दिन के भाव पर टिका होता है।

SIPLumpsum
शुरुआतछोटी रकम से, हर महीने अपने-आपएक साथ बड़ी रकम चाहिए
भाव का जोखिमकई भावों में बँटाएक ही भाव पर
किसके लिए ठीकहर महीने की आमदनीबोनस या किसी बिक्री से आया पैसा

कोई भी तरीक़ा हर हाल में बेहतर नहीं है। बड़ी रकम हो और भाव की चिंता हो, तो उसे liquid या debt scheme में रखकर हर महीने तय रकम equity scheme में भेजी जा सकती है; इसे systematic transfer plan (STP) कहते हैं।

क्या ध्यान रखें

जमा रकम से हर महीने पैसा निकालना हो, तो SWP क्या है पढ़ें। अपने नंबर SIP कैलकुलेटर और lumpsum कैलकुलेटर में आज़माएँ।

लोग क्या पूछते हैं

SIP क्या है?
Systematic investment plan: किसी mutual fund scheme में हर महीने या तय अंतराल पर तय रकम लगाना। हर किस्त उस दिन के NAV पर यूनिट ख़रीदती है।
क्या SIP में रिटर्न की गारंटी है?
नहीं। SIP निवेश का एक तरीक़ा है, और कोई scheme रिटर्न का वादा नहीं करती। वैल्यू लगाई रकम से कम भी हो सकती है।
SIP बेहतर है या lumpsum?
कोई भी हर हाल में बेहतर नहीं। हर महीने की आमदनी के लिए SIP ठीक बैठती है; एक साथ आया पैसा lumpsum या STP से लगाया जा सकता है।
क्या SIP बीच में रोक सकते हैं?
हाँ, आम तौर पर SIP को रोका, बदला या बंद किया जा सकता है। जो यूनिट ख़रीदी जा चुकी हैं, वे तब तक लगी रहती हैं जब तक आप उन्हें बेचें नहीं।

स्रोत

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