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Position Sizing हिंदी में

अपडेट 11 अक्टूबर 2026

पोज़ीशन साइज़ कैलकुलेटर →

ज़्यादातर नए traders यह सोचते हैं कि कौन सा शेयर लें। लेकिन एक उतना ही ज़रूरी सवाल है: कितना लें? इसी को position sizing कहते हैं। सही position size यह तय करता है कि एक ग़लत trade आपकी पूँजी का कितना हिस्सा ले जा सकता है। इस पेज में आप इसका फ़ॉर्मूला, एक पूरा ₹ वाला उदाहरण और F&O में lots का हिसाब समझेंगे।

Position sizing का मूल विचार

Position sizing में आप उल्टी तरफ़ से सोचते हैं। पहले यह तय करें कि एक trade में आप ज़्यादा से ज़्यादा कितना गँवाने को तैयार हैं। फिर stop loss की दूरी देखें। इन दोनों से quantity अपने आप निकल आती है।

बहुत से लोग एक trade में पूँजी का 1% या 2% risk की सीमा रखते हैं। यह कोई जादुई नियम नहीं है, बस एक तरीका है ताकि लगातार कुछ नुकसान होने पर भी पूँजी बची रहे।

फ़ॉर्मूला

उदाहरण: Stock ABC में कितने शेयर?

मान लीजिए आपकी trading पूँजी ₹2,00,000 है और आप हर trade में 1% risk रखते हैं। आप Stock ABC को ₹250 पर खरीदना चाहते हैं और stop loss ₹242 है।

जाँच: अगर stop loss लगता है, तो नुकसान = 250 × ₹8 = ₹2,000, यानी पूँजी का ठीक 1% (charges और slippage अलग)।

अब मान लीजिए stop loss ₹242 की बजाय ₹230 है। प्रति शेयर risk = 250 − 230 = ₹20, और quantity = 2,000 ÷ 20 = 100 शेयर। Stop loss दूर हुआ, तो quantity घट गई, लेकिन कुल risk वही ₹2,000 रहा। यही position sizing का असली काम है। अपने numbers से यह हिसाब position size calculator में करें।

Position value बनाम risk

ध्यान दें कि ऊपर के उदाहरण में आप ₹62,500 का शेयर ले रहे हैं, पर risk सिर्फ़ ₹2,000 है। बहुत से लोग इन दोनों को मिला देते हैं। Position value बताती है कि कितना पैसा लगा है; risk बताता है कि stop loss लगने पर कितना जाएगा। Position sizing risk को नियंत्रित करता है।

एक सीमा भी देखें: अगर stop loss बहुत पास हो, तो quantity इतनी बड़ी निकल सकती है कि position value आपकी पूँजी से भी ज़्यादा हो जाए। ऐसे में quantity को उपलब्ध पूँजी या margin तक सीमित रखें, और याद रखें कि बहुत पास का stop loss सामान्य हलचल में भी लग सकता है।

F&O में lots का हिसाब

Futures और options में आप शेयर नहीं, lots में खरीदते हैं, और हर lot में तय संख्या में units होती हैं जो exchange तय करता है। इसलिए quantity हमेशा lot size के गुणक में होगी।

मान लीजिए आप एक option ₹100 premium पर खरीदते हैं, stop loss ₹80 है, और lot size 75 है। प्रति lot risk = (100 − 80) × 75 = ₹1,500। अगर आपकी सीमा ₹2,000 है, तो 2,000 ÷ 1,500 = 1.33, यानी आप सिर्फ़ 1 lot ले सकते हैं। 2 lots लेने पर risk ₹3,000 होगा, जो सीमा से ज़्यादा है।

Futures में एक lot की value काफ़ी बड़ी होती है, इसलिए छोटी पूँजी वालों के लिए एक lot भी 1% की सीमा से कहीं ज़्यादा risk हो सकता है। ऐसे में सीमा के अंदर trade करने का मतलब हो सकता है कि वह trade लिया ही न जाए। Options की option chain पढ़ना भी सीखें।

लगातार नुकसान का असर

Position sizing क्यों ज़रूरी है, यह इस हिसाब से समझें। अगर आप हर trade में पूँजी का 10% risk लेते हैं, तो लगातार 5 नुकसान के बाद पूँजी 0.9 × 0.9 × 0.9 × 0.9 × 0.9 ≈ 59% बचेगी, यानी लगभग 41% नुकसान। 1% risk पर वही 5 नुकसान पूँजी को लगभग 95% पर छोड़ते हैं (0.99 की पाँचवीं power ≈ 0.951)। लगातार नुकसान किसी के भी साथ हो सकते हैं।

आम ग़लतियाँ

Position sizing को risk reward ratio के साथ समझें, क्योंकि दोनों मिलकर तय करते हैं कि आपके नतीजे पर एक trade का कितना असर होगा।

एक ज़रूरी सच भी जान लीजिए: SEBI की अपनी स्टडी (SEBI study, 2023 और 2025) के मुताबिक FY22 और FY25 में लगभग 10 में से 9 individual F&O traders को नुकसान हुआ। कोई भी indicator या formula इस जोखिम को ख़त्म नहीं करता। यह पेज सिर्फ़ सीखने के लिए है, किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

संक्षेप में

Quantity = (पूँजी × risk %) ÷ (entry − stop loss)। ₹2,00,000 पूँजी, 1% risk और ₹8 के stop loss पर यह 250 शेयर बनता है। F&O में quantity lot size के गुणक में होती है, इसलिए कई बार सीमा के अंदर रहने का मतलब कम lots या कोई trade नहीं होता। Position sizing मुनाफ़े की गारंटी नहीं देता, बस यह सुनिश्चित करता है कि एक ग़लत trade आपकी पूँजी का बड़ा हिस्सा न ले जाए।

लोग क्या पूछते हैं

Position size कैसे निकालें?
Quantity = (पूँजी × risk %) ÷ (entry price − stop loss)। जैसे ₹2,00,000 × 1% = ₹2,000, और ₹2,000 ÷ ₹8 = 250 शेयर।
1% risk नियम क्या है?
इसमें एक trade में पूँजी का अधिकतम 1% गँवाने की सीमा रखी जाती है। यह जादुई नियम नहीं, बस पूँजी को लगातार नुकसान से बचाने का एक तरीका है।
F&O में position size कैसे तय करें?
प्रति lot risk = (entry − stop loss) × lot size निकालें, फिर अपनी risk सीमा को उससे भाग दें और नीचे की तरफ़ round करें।
Position value और risk में क्या फ़र्क है?
Position value बताती है कि trade में कितना पैसा लगा है। Risk बताता है कि stop loss लगने पर कितना नुकसान होगा।

स्रोत

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