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RSI Indicator हिंदी में

अपडेट 11 अक्टूबर 2026

RSI यानी Relative Strength Index सबसे लोकप्रिय indicators में से एक है। इसे J. Welles Wilder ने 1978 में अपनी किताब में पेश किया था। RSI 0 से 100 के बीच एक number देता है जो बताता है कि हाल के दिनों में price की बढ़त ज़्यादा ताक़तवर रही या गिरावट। इस पेज में आप RSI का फ़ॉर्मूला, एक हिसाब वाला उदाहरण और इसकी सीमाएँ समझेंगे।

RSI का फ़ॉर्मूला

RSI आम तौर पर 14 periods (14 candles) पर निकाला जाता है। तरीका यह है:

  1. हर candle में close पिछले close से कितना ऊपर (gain) या नीचे (loss) गया, यह लिखें।
  2. 14 periods का average gain और average loss निकालें। Loss को positive number की तरह लिखा जाता है।
  3. RS = Average gain ÷ Average loss
  4. RSI = 100 − (100 ÷ (1 + RS))

पहली गणना के बाद Wilder का तरीका एक smoothing इस्तेमाल करता है: नया average gain = (पिछला average gain × 13 + आज का gain) ÷ 14। Average loss भी इसी तरह। इससे RSI धीरे-धीरे बदलता है, अचानक नहीं।

उदाहरण: Stock ABC का RSI

मान लीजिए Stock ABC के पिछले 14 दिनों में:

अब हिसाब:

ध्यान दें कि average निकालते समय 14 से भाग देते हैं, न कि सिर्फ़ बढ़त वाले 8 दिनों से। अब मान लीजिए अगले दिन price ₹3 बढ़ता है। नया average gain = (2 × 13 + 3) ÷ 14 = 29 ÷ 14 ≈ ₹2.07। नया average loss = (1 × 13 + 0) ÷ 14 = 13 ÷ 14 ≈ ₹0.93। नया RS ≈ 2.07 ÷ 0.93 ≈ 2.23, और RSI ≈ 100 − (100 ÷ 3.23) ≈ 69.0। यानी एक दिन की बढ़त से RSI लगभग 66.7 से 69 तक गया।

RSI को कैसे पढ़ा जाता है

सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी यह है कि "RSI 70 से ऊपर है तो price गिरेगा"। ऐसा ज़रूरी नहीं है। तेज़ trend में RSI हफ़्तों तक 70 से ऊपर या 30 से नीचे रह सकता है। Overbought का मतलब सिर्फ़ इतना है कि हाल की बढ़त तेज़ रही, यह नहीं कि अब गिरावट आएगी।

RSI की सीमाएँ

RSI के साथ दूसरे tools

बहुत से traders RSI को अकेले नहीं देखते। वे इसे price action, candlestick patterns, Supertrend या VWAP के साथ मिलाकर समझने की कोशिश करते हैं। लेकिन कई indicators का एक साथ "हाँ" कहना भी किसी नतीजे की गारंटी नहीं है, क्योंकि ये सब एक ही पुराने price data से बनते हैं।

Risk पहले

RSI कितना भी अच्छा दिखे, हर trade में ग़लत होने की संभावना रहती है। इसलिए पहले तय करें कि ग़लत होने पर कहाँ निकलेंगे और कितना नुकसान उठा सकते हैं। इसके लिए stop loss और position sizing वाले पेज पढ़ें, और position size calculator से हिसाब लगाएँ।

एक ज़रूरी सच भी जान लीजिए: SEBI की अपनी स्टडी (SEBI study, 2023 और 2025) के मुताबिक FY22 और FY25 में लगभग 10 में से 9 individual F&O traders को नुकसान हुआ। कोई भी indicator या formula इस जोखिम को ख़त्म नहीं करता। यह पेज सिर्फ़ सीखने के लिए है, किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

संक्षेप में

RSI = 100 − (100 ÷ (1 + RS)), जहाँ RS = average gain ÷ average loss। आम तौर पर 14 periods पर निकाला जाता है। 70 से ऊपर को overbought और 30 से नीचे को oversold कहा जाता है, लेकिन ये सिर्फ़ बीते momentum का वर्णन हैं, आगे की भविष्यवाणी नहीं। RSI को समझें, पर इस पर आँख मूँदकर भरोसा न करें।

लोग क्या पूछते हैं

RSI का फ़ॉर्मूला क्या है?
RSI = 100 − (100 ÷ (1 + RS)), जहाँ RS = average gain ÷ average loss। आम तौर पर 14 periods लिए जाते हैं।
RSI 70 से ऊपर हो तो क्या price गिरेगा?
ज़रूरी नहीं। 70 से ऊपर का मतलब सिर्फ़ इतना है कि हाल की बढ़त तेज़ रही। तेज़ trend में RSI लंबे समय तक 70 से ऊपर रह सकता है।
RSI की सबसे अच्छी setting क्या है?
कोई setting मुनाफ़े की गारंटी नहीं देती। 14 period और 70/30 सिर्फ़ प्रचलित defaults हैं जो Wilder ने सुझाए थे।
RSI किसने बनाया?
RSI को J. Welles Wilder ने 1978 में अपनी किताब New Concepts in Technical Trading Systems में पेश किया था।

स्रोत

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