Moving Average हिंदी में: SMA और EMA
अपडेट 13 अक्टूबर 2026
Moving average किसी शेयर के हाल के prices का औसत है, जो हर नई candle के साथ दोबारा निकाला जाता है। नई candle जुड़ती है तो सबसे पुरानी candle हिसाब से बाहर हो जाती है (या उसका असर धीरे-धीरे घटता जाता है), इसलिए यह औसत chart पर आगे "खिसकता" रहता है। यह रोज़ के छोटे उतार-चढ़ाव को smooth कर देता है और दिखाता है कि अब तक prices आम तौर पर किस दिशा में चले हैं।
Chart पर सबसे ज़्यादा दो तरह के moving average दिखते हैं: simple moving average (SMA) और exponential moving average (EMA)। इस पेज में आप दोनों का फ़ॉर्मूला, एक हिसाब वाला उदाहरण और इनकी सीमाएँ समझेंगे।
Simple moving average (SMA)
SMA = पिछले N closing prices का जोड़ ÷ N
Window के हर close को बराबर वज़न मिलता है। नया close आते ही सबसे पुराना close बाहर हो जाता है।
Exponential moving average (EMA)
नया EMA = पिछला EMA + k × (आज का close − पिछला EMA)
यहाँ k = 2 ÷ (N + 1)। 5-period EMA के लिए k = 2 ÷ 6 = 1/3। 20-period EMA के लिए k = 2 ÷ 21 ≈ 0.095।
EMA सबसे ताज़ा close को सबसे ज़्यादा वज़न देता है, और पुराने closes का वज़न लगातार घटता जाता है। इसकी शुरुआत (seed) आम तौर पर पहले N closes के SMA से की जाती है।
उदाहरण: 5-day SMA बनाम 5-day EMA
Stock XYZ के सात दिनों के close ये हैं (भाव काल्पनिक हैं):
| दिन | Close | 5-day SMA | 5-day EMA |
|---|---|---|---|
| 1 | ₹100 | – | – |
| 2 | ₹102 | – | – |
| 3 | ₹104 | – | – |
| 4 | ₹103 | – | – |
| 5 | ₹106 | ₹103.00 | ₹103.00 |
| 6 | ₹112 | ₹105.40 | ₹106.00 |
| 7 | ₹109 | ₹106.80 | ₹107.00 |
दिन 5
SMA = (100 + 102 + 104 + 103 + 106) ÷ 5 = 515 ÷ 5 = ₹103। EMA की शुरुआत इसी value से होती है, इसलिए EMA भी ₹103 है।
दिन 6
- SMA: ₹100 बाहर, ₹112 अंदर। (102 + 104 + 103 + 106 + 112) ÷ 5 = 527 ÷ 5 = ₹105.40
- EMA: 103 + (1/3) × (112 − 103) = 103 + 3 = ₹106.00
दिन 7
- SMA: ₹102 बाहर, ₹109 अंदर। (104 + 103 + 106 + 112 + 109) ÷ 5 = 534 ÷ 5 = ₹106.80
- EMA: 106 + (1/3) × (109 − 106) = 106 + 1 = ₹107.00
दिन 6 पर ₹112 की छलांग ने EMA को ₹3 ऊपर किया, लेकिन SMA को सिर्फ़ ₹2.40। असली फ़र्क यही है: EMA नए prices पर जल्दी react करता है, जबकि SMA ज़्यादा स्थिर रहता है।
आम periods और उन्हें कैसे पढ़ा जाता है
- 20-period: अक्सर short-term दिशा देखने के लिए। यही Bollinger Bands की बीच वाली लाइन भी है।
- 50-period: medium-term तस्वीर।
- 200-day: long-term तस्वीर। शेयरों और indices के daily charts पर इसे बहुत लोग देखते हैं।
Moving averages के बारे में आम तौर पर ऐसे बात की जाती है:
- Price average के ऊपर या नीचे: Price अपने 200-day average के ऊपर है, इसका मतलब बस इतना है कि वह पिछले 200 sessions के अपने औसत से ऊँचा है। यह इस बात का वर्णन है कि price अब तक कहाँ रहा है।
- Slope (ढलान): ऊपर उठता average दिखाता है कि हाल के prices उन prices से ऊँचे हैं जो हिसाब से बाहर हो रहे हैं।
- Crossover: जब छोटा average बड़े average को पार करता है, तो इसे crossover कहते हैं। 50-day और 200-day वाले crossover को "golden cross" (ऊपर की ओर) या "death cross" (नीचे की ओर) कहा जाता है। नाम भले नाटकीय लगें, इनका मतलब सिर्फ़ इतना है कि एक average दूसरे से आगे निकल गया।
MACD सीधे दो EMAs से बनता है, और Supertrend range के एक smoothed average का इस्तेमाल करता है। इसलिए moving average समझ लेने से ये दोनों भी आसानी से समझ आते हैं।
SMA या EMA: कौन सा लें?
आम तौर पर दोनों में से कोई बेहतर नहीं है। EMA price के ज़्यादा क़रीब चलता है, इसलिए जल्दी मुड़ता है, लेकिन choppy बाज़ार में झूठे मोड़ भी ज़्यादा देता है। SMA ज़्यादा smooth है, पर धीमा। इनमें से एक चुनना रफ़्तार और noise के बीच का समझौता है, बेहतर नतीजों का रास्ता नहीं।
Moving average की सीमाएँ
- Lag इनकी बनावट में है: पिछले prices का औसत हमेशा मौजूदा price से पीछे रहता है।
- Sideways बाज़ार: Price बार-बार average के ऊपर-नीचे होता है, और crossovers जल्दी-जल्दी पलटते हैं।
- Period का चुनाव मनमाना है: 20, 50 और 200 आदतें हैं, कोई खोज नहीं।
- अलग data, अलग values: Seeding का तरीका, split या bonus के बाद adjusted prices, और candle की timing, इन सबसे numbers थोड़े बदल जाते हैं।
Risk की बात
Moving-average crossovers सबसे प्रचलित trading नियमों में से हैं, लेकिन इनसे बुनियादी तस्वीर नहीं बदलती: SEBI की स्टडी (SEBI study, 2023 और 2025) के मुताबिक FY22 और FY25 में लगभग 10 में से 9 individual F&O traders को नुकसान हुआ। Trade से पहले तय करें कि ग़लत होने पर कहाँ निकलेंगे (stop loss), और position size calculator से quantity का हिसाब लगाएँ। यह पेज सिर्फ़ सीखने के लिए है, किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।
संक्षेप में
SMA पिछले N closes का सीधा औसत है; EMA हर नए close को k = 2 ÷ (N + 1) का वज़न देता है, इसलिए जल्दी react करता है। ऊपर के उदाहरण में ₹112 के close ने EMA को ₹3 और SMA को ₹2.40 ऊपर किया। दोनों पिछले prices का वर्णन हैं, आगे की भविष्यवाणी नहीं।
लोग क्या पूछते हैं
- Moving average क्या होता है?
- Moving average किसी शेयर के पिछले कुछ closes का औसत है, जो हर नई candle के साथ दोबारा निकाला जाता है। यह रोज़ के उतार-चढ़ाव को smooth करके दिखाता है कि prices अब तक किस दिशा में चले हैं।
- SMA और EMA में क्या फ़र्क है?
- SMA अपनी window के हर close को बराबर वज़न देता है। EMA हाल के closes को ज़्यादा वज़न देता है, इसलिए नए prices पर जल्दी react करता है।
- EMA का multiplier कैसे निकालते हैं?
- Multiplier = 2 ÷ (period + 1)। 20-period EMA के लिए यह 2 ÷ 21, यानी लगभग 0.095 होता है।
- Golden cross और death cross क्या हैं?
- जब छोटा average (आम तौर पर 50-day) बड़े average (आम तौर पर 200-day) को नीचे से ऊपर पार करता है, तो उसे golden cross कहते हैं; ऊपर से नीचे पार करे, तो death cross। ये पिछले prices का वर्णन हैं, तेज़ी या गिरावट की भविष्यवाणी नहीं।
- कौन सा moving average period सबसे अच्छा है?
- कोई period सबसे अच्छा नहीं है। छोटे periods price के क़रीब चलते हैं और बार-बार पलटते हैं; लंबे periods smooth होते हैं, पर देर से बदलते हैं।