Option Chain कैसे पढ़ें?
अपडेट 11 अक्टूबर 2026
Option chain पहली बार देखने पर numbers की एक बड़ी table लगती है। बाईं तरफ़ calls, दाईं तरफ़ puts, और बीच में strike prices। लेकिन एक बार हर column का मतलब समझ आ जाए, तो यह table काफ़ी सीधी लगती है। इस पेज में हम option chain को column-by-column पढ़ना सीखेंगे।
Option chain क्या होती है?
Option chain किसी एक शेयर या index के, एक तय expiry के, सभी उपलब्ध options की list है। NSE हर stock और index के लिए यह table दिखाता है। हर पंक्ति (row) एक strike price है। बाईं तरफ़ उस strike के Call (CE) का data होता है और दाईं तरफ़ उसी strike के Put (PE) का।
- Call option: खरीदार को तय strike price पर खरीदने का अधिकार देता है, ज़िम्मेदारी नहीं।
- Put option: खरीदार को तय strike price पर बेचने का अधिकार देता है।
Option chain के मुख्य columns
- Strike price: वह भाव जिस पर option का अधिकार तय होता है।
- LTP (Last Traded Price): उस option का आख़िरी सौदा जिस भाव पर हुआ। इसे premium भी कहते हैं, और यह प्रति unit होता है।
- OI (Open Interest): कितने contracts अभी खुले हैं, यानी जिन्हें अभी तक बंद नहीं किया गया।
- Change in OI: पिछले दिन से OI कितना बढ़ा या घटा। इससे पता चलता है कि नई positions बन रही हैं या पुरानी बंद हो रही हैं।
- Volume: आज कितने contracts का सौदा हुआ।
- IV (Implied Volatility): option के भाव में छिपी हुई उम्मीद कि underlying कितना हिल सकता है। ज़्यादा IV का मतलब आम तौर पर महँगा premium।
- Bid / Ask: Bid वह सबसे ऊँचा भाव जिस पर कोई खरीदने को तैयार है; Ask वह सबसे कम भाव जिस पर कोई बेचने को तैयार है। दोनों में बड़ा अंतर कम liquidity का संकेत है।
ITM, ATM और OTM
Option chain में कुछ rows अलग रंग में दिखती हैं। यह बताती हैं कि कौन सा strike "in the money" है।
- ATM (At the Money): वह strike जो underlying के मौजूदा भाव के सबसे क़रीब है।
- ITM (In the Money): Call के लिए, मौजूदा भाव से नीचे के strikes। Put के लिए, ऊपर के strikes। इनमें intrinsic value होती है।
- OTM (Out of the Money): Call के लिए ऊपर के strikes, put के लिए नीचे के। इनका पूरा premium time value होता है।
उदाहरण: एक call option का हिसाब
मान लीजिए एक index अभी 22,000 पर है (काल्पनिक level)। Option chain में 22,000 strike call का LTP ₹120 है, और मान लीजिए lot size 75 है।
- एक lot खरीदने की लागत = ₹120 × 75 = ₹9,000।
- Expiry पर breakeven = strike + premium = 22,000 + 120 = 22,120।
- अगर expiry पर index 22,300 पर बंद हो: intrinsic value = 22,300 − 22,000 = 300। मुनाफ़ा = (300 − 120) × 75 = ₹13,500 (charges से पहले)।
- अगर expiry पर index 22,120 पर बंद हो: intrinsic value 120, यानी न मुनाफ़ा न नुकसान (charges अलग)।
- अगर expiry पर index 21,900 पर बंद हो: call की value शून्य, नुकसान = पूरा premium ₹9,000।
यह हिसाब अपने numbers से option payoff calculator में देखें। वहाँ आप payoff का graph भी देख सकते हैं।
OI और PCR कैसे पढ़ें
बहुत से लोग OI देखकर यह समझने की कोशिश करते हैं कि किस strike पर ज़्यादा positions बनी हैं। किसी strike पर बहुत ज़्यादा call OI को कुछ लोग "resistance" और ज़्यादा put OI को "support" की तरह देखते हैं। लेकिन याद रखिए, हर contract में एक खरीदार और एक बेचने वाला होता है। OI आपको यह नहीं बताता कि कौन सही है।
PCR (Put Call Ratio) = कुल put OI ÷ कुल call OI। अगर कुल put OI 1,20,000 contracts और call OI 1,00,000 contracts है, तो PCR = 1,20,000 ÷ 1,00,000 = 1.2। PCR sentiment की एक झलक है, कोई पक्का signal नहीं।
आम ग़लतियाँ
- सस्ता OTM option "सस्ता सौदा" समझना: कम premium का मतलब है कि expiry तक इसके ITM होने की संभावना भी कम मानी जा रही है।
- Time decay भूलना: हर दिन के साथ option की time value घटती है, खासकर expiry के पास। इसे theta कहते हैं।
- Lot size भूलना: LTP प्रति unit है। असली रकम हमेशा LTP × lot size होती है।
- Liquidity न देखना: जिन strikes पर volume कम है और bid-ask का अंतर बड़ा है, वहाँ अंदर-बाहर निकलना महँगा पड़ सकता है।
Option selling का जोखिम
Option ख़रीदने पर अधिकतम नुकसान premium तक सीमित है। लेकिन option बेचने पर नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है और margin भी काफ़ी लगता है। Option chain पढ़ना सीखना एक बात है, उस पर trade करना बिल्कुल दूसरी। हर trade से पहले अपना risk-reward और position size तय करें।
एक ज़रूरी सच भी जान लीजिए: SEBI की अपनी स्टडी (SEBI study, 2023 और 2025) के मुताबिक FY22 और FY25 में लगभग 10 में से 9 individual F&O traders को नुकसान हुआ। कोई भी indicator या formula इस जोखिम को ख़त्म नहीं करता। यह पेज सिर्फ़ सीखने के लिए है, किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।
संक्षेप में
Option chain में बीच में strike prices होते हैं, बाईं तरफ़ calls और दाईं तरफ़ puts। LTP premium है, OI खुले contracts हैं, IV उम्मीद की गई हलचल है। असली लागत हमेशा premium × lot size होती है, और call खरीदार का breakeven strike + premium होता है। OI और PCR sentiment की झलक देते हैं, भविष्य नहीं बताते।
लोग क्या पूछते हैं
- Option chain में LTP का क्या मतलब है?
- LTP यानी Last Traded Price, उस option का आख़िरी सौदा जिस भाव पर हुआ। यह प्रति unit premium है; कुल रकम के लिए इसे lot size से गुणा करें।
- OI और volume में क्या फ़र्क है?
- Volume बताता है कि आज कितने contracts का सौदा हुआ। OI बताता है कि कितने contracts अभी भी खुले हैं और बंद नहीं हुए।
- PCR कैसे निकालते हैं?
- PCR = कुल put OI ÷ कुल call OI। जैसे 1,20,000 ÷ 1,00,000 = 1.2। यह sentiment की झलक है, पक्का signal नहीं।
- Call option का breakeven कैसे निकालें?
- Expiry पर call खरीदार का breakeven = strike price + चुकाया गया premium। Charges इसमें अलग से जुड़ते हैं।