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F&O और intraday ट्रेडिंग पर टैक्स कैसे लगता है

अपडेट 13 अक्टूबर 2026

F&O और intraday टैक्स कैलकुलेटर →

F&O, intraday और delivery trades पर टैक्स अलग-अलग नियमों से लगता है: दरें, घाटे के नियम और रिटर्न के form, सब अलग हैं। यह गाइड resident individuals (निवासी व्यक्तियों) के लिए है, 11 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए नियमों पर आधारित है, और सिर्फ़ आम जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं। अपने आँकड़ों का अनुमान F&O टैक्स कैलकुलेटर से लगाएँ।

Trading की कमाई के तीन प्रकार

Slab rates और ₹12 लाख वाला rebate

नई टैक्स व्यवस्था (new tax regime) में FY 2025-26 और 2026-27 के slabs एक जैसे हैं; Budget 2026 ने इन्हें नहीं बदला। हर दर आय के सिर्फ़ उस हिस्से पर लगती है जो उस slab में आता है।

कुल आयदर
₹4 लाख तकशून्य
₹4 लाख से ₹8 लाख5%
₹8 लाख से ₹12 लाख10%
₹12 लाख से ₹16 लाख15%
₹16 लाख से ₹20 लाख20%
₹20 लाख से ₹24 लाख25%
₹24 लाख से ऊपर30%

टैक्स पर 4% cess जुड़ता है, और ऊँची आय पर surcharge लगता है (₹50 लाख से ऊपर 10%, ₹1 करोड़ से ऊपर 15% और ₹2 करोड़ से ऊपर 25%)। कुल आय ₹12 लाख तक हो, तो ₹60,000 तक का rebate slab टैक्स ख़त्म कर देता है, और ₹12 लाख से थोड़ा ऊपर marginal relief टैक्स के अचानक उछाल को नरम करता है। ₹75,000 का standard deduction सिर्फ़ salary के लिए है, trading की कमाई के लिए नहीं।

AY 2026-27 से rebate शेयरों पर STCG और LTCG जैसे special-rate gains का टैक्स कम नहीं कर सकता। दो traders लीजिए, दोनों की कुल आय ₹10 लाख है:

Turnover: ICAI का तरीका

Tax audit की ज़रूरत turnover से तय होती है, और trading में turnover आपके trades की value नहीं है। ICAI की Guidance Note on Tax Audit (2022) के मुताबिक futures, options और intraday trades का turnover हर trade के मुनाफ़े या घाटे का absolute जोड़ है: हर मुनाफ़ा और हर घाटा plus मानकर जोड़ें।

TradeनतीजाTurnover में जुड़ता है
1. Futures, ख़रीदकर बेचामुनाफ़ा ₹6,000₹6,000
2. Option, ख़रीदकर बेचाघाटा ₹4,500₹4,500
3. Option, बेचकर वापस ख़रीदामुनाफ़ा ₹2,500₹2,500
4. Futures, बेचकर वापस ख़रीदाघाटा ₹9,000₹9,000
कुलNet घाटा ₹5,000₹22,000

साल का नतीजा: ₹5,000 का net घाटा और ₹22,000 का turnover। Trade 1 शायद ₹10,00,000 का futures contract रहा हो, फिर भी उसका सिर्फ़ ₹6,000 का मुनाफ़ा गिना जाता है।

Tax audit कब ज़रूरी है

Business turnover ₹1 करोड़ से ऊपर हो, तो tax audit (धारा 44AB, अब धारा 63) ज़रूरी है। अगर नक़द में मिली और नक़द में दी गई रकम, दोनों अपने-अपने कुल के 5% के अंदर हों, तो यह सीमा ₹10 करोड़ हो जाती है। ब्रोकर के ज़रिए trade करने और पैसा सिर्फ़ बैंक से लेने-देने पर यह शर्त पूरी होती है।

एक दूसरी, कम दिखने वाली शर्त भी है। Audit तब भी लग सकता है जब मुनाफ़ा turnover के 6% से कम हो (घाटा भी गिना जाता है) और आपकी आय basic exemption limit से ऊपर हो। यह आप पर लागू होगा या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि आपने पिछले सालों में presumptive taxation (धारा 44AD, अब धारा 58) लिया था या नहीं। कुछ जानकारों का कहना है कि नई धारा 63 इस नियम का दायरा बढ़ा सकती है। यह अभी पक्का नहीं है, इसलिए अपने मामले के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से राय लें।

घाटा: set off और carry forward

ज़्यादातर traders के लिए यही हिस्सा सबसे अहम है: SEBI की स्टडी (2023 और 2025) में पाया गया कि जिन सालों को देखा गया, उनमें लगभग 10 में से 9 individual F&O traders को नुकसान हुआ (SEBI)।

कौन-से ख़र्च क्लेम कर सकते हैं

F&O और intraday का मुनाफ़ा business income है, इसलिए trading का काम चलाने में हुआ ख़र्च आप घटा सकते हैं:

बिल और हर ख़र्च का सीधा रिकॉर्ड रखें, और निजी काम में भी आने वाली चीज़ का सिर्फ़ business वाला हिस्सा क्लेम करें।

Advance tax

Trading के मुनाफ़े से TDS नहीं कटता, इसलिए अगर साल का टैक्स बहुत कम न हो, तो उसे साल के दौरान ही advance tax के रूप में भरना होता है: जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च की किस्तों में। हर किस्त तक साल के टैक्स का बढ़ता हिस्सा भरना होता है, और कम या देर से भरने पर ब्याज लगता है। Trading का मुनाफ़ा ऊपर-नीचे होता है, इसलिए हर due date से पहले अब तक का मुनाफ़ा जोड़ लें।

ITR-3 और AY 2026-27 की तारीख़ें

F&O या intraday की कमाई हो, तो ITR-3 भरें, चाहे सिर्फ़ घाटा ही हुआ हो। Salary और capital gains इसी रिटर्न में आते हैं। FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए:

रिटर्न भरने से पहले तारीख़ें income tax e-filing portal पर पक्की कर लें।

Income-tax Act 2025

1 अप्रैल 2026 से Income-tax Act 2025 ने 1961 के Act की जगह ले ली है। दरें वही हैं, पर धाराओं के नंबर बदल गए हैं, इसलिए कुछ समय तक दोनों दिखेंगे:

नियम1961 Act2025 Act
Tax audit44AB63
Presumptive taxation44AD58
Rebate87A156
Equity शेयरों पर STCG111A196
Equity शेयरों पर LTCG112A198
Business घाटे का carry forward72112
Speculation घाटा73113

चार्टर्ड अकाउंटेंट से कब मिलें

CA से तब बात करें जब:

इस पेज पर जो बातें अभी पक्की नहीं हैं, उनके बारे में भी पूछें, ख़ासकर नई धारा 63 में कम मुनाफ़े वाले audit नियम के बारे में।

लोग क्या पूछते हैं

क्या F&O की कमाई speculative होती है?
नहीं। F&O trading non-speculative business income है, जिस पर आपके slab rate से टैक्स लगता है। Intraday equity trading speculative business income है।
F&O turnover कैसे निकालते हैं?
ICAI की Guidance Note के मुताबिक हर trade का मुनाफ़ा या घाटा plus मानकर जोड़ें। यह आपके ख़रीदे-बेचे contracts की value नहीं है।
क्या F&O का घाटा salary से set off हो सकता है?
नहीं। F&O का घाटा उसी साल salary को छोड़कर बाक़ी आय से set off हो सकता है, और बचा घाटा 8 साल तक business income से घटाने के लिए carry forward होता है, अगर आप समय पर रिटर्न भरें।
घाटा हुआ हो, तो क्या tax audit ज़रूरी है?
यह निर्भर करता है। मुनाफ़ा turnover के 6% से कम हो और आय basic exemption limit से ऊपर हो, तो audit लग सकता है, इस पर निर्भर कि आपने पहले presumptive taxation लिया था या नहीं। नए Act ने इसे बदला हो सकता है, इसलिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें।
Traders कौन-सा ITR form भरते हैं?
F&O या intraday की कमाई हो तो ITR-3, घाटा होने पर भी। Salary और capital gains इसी रिटर्न में आते हैं।

स्रोत

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